lal singh
लाल सिंह/चित्रकूटचित्रकूट जिले में धांधली का पर्याय बन चुके चेक डैम के निर्माण में व्यापक अनियमितताएं बरती जा रही हैं। डैम में लगाए जा रहे पत्थर जंगल क्षेत्र से चोरी-छिपे लाए जा रहे हैं। मोरिया किस्म के ये पत्थर काफी घटिया किस्म के हैं। जंगल में तोड़े जा रहे पत्थरों के निशान भी वहां मौजूद हैं। पत्थर निकालने के दौरान वहां पर पेड़ों को भी काट गिराया गया है, जबकि चेक डैम से किसानों को सिंचाई की कोई सुविधा मिलने वाली नहीं है। चेक डैम के पानी का उपयोग केवल जंगली जानवर ही प्यास बुझाने के लिए कर सकते हैं। आसपास के ग्रामीणों के अनुसार, हालांकि अब इस जंगल में जंगली जानवरों का बसेरा भी नहीं रह गया है, क्योंकि जंगल में कई अवैध पत्थर खदान हैं। पत्थरों का उत्खनन ब्लास्ट से किया जाता है। इसके कारण वन्य पशु-पक्षी वर्षों पूर्व ही यहां से पलायन कर चुके हैं। जैतूनी नदी पर बन रहे चेक डैम के विरोध में भखरवार ग्राम पंचायत के कई मजरों के लोग खड़े हो गए हैं। लोगों ने इस संबंध में डीएम डा़ॅ आदर्श सिंह से मुलाकात भी की। डीएम को बताया गया है कि चेक डैम बन जाने से नदी के जलस्रोत सूख जाएंगे। इससे उनके खेत बंजर हो जाएंगे। हजारों पशु-पक्षी गर्मी में प्यासे मर जाएंगे। डीएम ने लोगों को आश्वासन दिया है कि वह मामले की जानकारी लेंगे। लोगों के हित से खिलवाड़ नहीं होगा और जरूरी हुआ, तो किसानों के हित में चेक डैम का निर्माण रुकवा देंगे।
ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत के खंडेहा खजुरिहा कलां, भखरवार, खजुरिहा खुर्द, प्रधान पुरवा, मुस्लिम पुरवा, गौतमपुरवा, गड़ेरियन पुरवा, धोबीपुरवा जैसे कई मजरों के लोगों ने डीएम को बताया कि जैतूनी नदी पर नौ चेक डैम बनाने का प्रस्ताव है, जिनके बन जाने से नदी का बहाव धीमा हो जाएगा। इससे नदी के जल स्रोतों पर सिल्ट जम जाएगी, जिससे वह सूख जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि इसका आभास उन्हें तब हुआ, जब रामनगर के पास इटवां में बने चेक डैम में सिल्ट जम जाने से नदी सूख गई। देउधा में भी चेक डैम के बनने से नदी सूख गई। ऐसे में उनके गांव के पास भी चेक डैम बनने से जलस्रोत बंद हो जाएंगे, जिससे यहां की नदी सूख जाएगी। जबकि, गर्मी में यही नदी यहां के लोगों की प्यास बुझाती है। इस नदी के पानी से कई गांवों में सिंचाई भी होती है। नदी सूख गई, तो हमारे खेत बंजर हो जाएंगे। इसके बाद ही डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया।
दरअसल, इस विरोध की वजह यह है कि ये चेक डैम ग्रामीणों की आशाओं पर खरे नहीं उतर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण अब इनके निर्माण का विरोध कर रहे हैं। ताजा मामला रामनगर ब्लॉक के भखरवार गांव का है, जहां लोगों ने जैतूनी नदी पर चेक डैम के निर्माण को रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का दावा है कि उनके गांव के नब्बे फीसदी लोग चेक डैम का निर्माण नहीं चाहते हैं। लोगों ने प्रशासन को आगाह किया है कि अगर इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भी भेजा है।


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